अलंकार // ALANKAR // FIGURES OF SPEECH // HINDI ALANKAR
अलंकार की परिभाषा एवं अर्थ :-
जिस प्रकार एक मनुष्य अपने शरीर को सजाने के लिये गहनों और आभूषणों का प्रयोग करता है, उसी प्रकार काव्य की शोभा को बढाने के लिये हम अलंकारों का प्रयोग करते हैं। अलंकार काव्य को शब्दगत और अर्थगत चमत्कार के माध्यम से एक आकर्षक रूप प्रदान करता है। अलंकार काव्य को विभूषित करने तथा उसे प्रभावशाली बनाकर अभिव्यक्त करने का एक साधन है। जैसे :-
पल-पल बहता जाऊ भवसागर मझधार,
गुरू बिन कौन लखावै पार ।
